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सच्चे दोस्तों की कहानी : Hindi Kahaniya Web

एक जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे | उन सारे जानवरो में चार जानवर हिरन, सुवर, लोमड़ी और बिल्ली ख़ुशी ख़ुशी रहते थे | वह चारो जानवर बहुत अच्छे दोस्त थे | एक दिन वह चारो जंगल में खेल रहे होते है तब बिल्ली बाकी तीनो से कहती है “दोस्तों में इस खेल से थक गयी हु, चलो अब दूसरा खेल खेलते है” | लोमड़ी भी कहती है “हां चलो ठीक है कोही नया खेल खेलते है” | लेकिन सुव्वर दूसरा खेल खेलने से मना करता है और कहता है नहीं नहीं दूसरा खेल में नहीं खेलूंगा मुझे दूसरा खेल पसंद नहीं, दूसरा खेल खेलने से अच्छा है में यहाँ से जाता हु |

तब हिरन कहती है “अब खेलना छोड़ो और कल सुबह हम सारे उची पहाड़ पर आम खाने के लिए जायेंगे” |  सब जानवर उची पहाड़ी पर जाने के लिए तैयार हो जाते है | अगले दिन सुबह चारो दोस्त पहाड़ी पर पहुंच जाते है और स्वादिष्ट आम खाते है | फिर वह चारे उस पहाड़ी पर ही घूमते और खेलते रहते है | शाम होने के बाद फिर अपने जंगल की तरफ निकल पड़ते है | जैसे ही वह अपने जंगल में वापस पहुंच जाते है तो उन्हें एक बंदर पेड़ के निचे रोता हुवा दिखाई देता है | वह चारो सोच में पड़ जाते है की ये बंदर यहा पर क्यों रो रहा है |

उस बंदर को रोता देखकर हिरन उससे पूछती है “क्या हुवा बंदर भाई क्यों रो रहे हो “तब बंदर कहता है सियार मेरे सब आम छीनकर ले गया” | बंदर की बाते सुनकर बिल्ली कहती है “लेकिन हमारे जंगल में तो कोही सियार है ही नहीं” | बंदर रोता हुवा कहता है “आज ही पड़ोस के जंगल से आया है” | चारो दोस्त बंदर को चुप कराकर जंगल की तरफ निकल पड़ते है | कुछ दूर जाने के बाद उन्हें जंगल में हर तरफ आम के छिलके बिखरे नजर आते है | यह देखकर वो समझ जाते है, की ये सब उस सियार ने किया होगा |

हिरन कहता है “अरे ये तो बहुत बुरा सियार लगता है, पहले तो बेचारे बंदर के आम छीन लिए और अब जंगल में हर तरफ गंदगी फैला रहा है” | इस तरह सब सियार के बारे में बात करते हुए आगे चल पड़ते है | आगे चलकर उन्हें वो सियार दिखाई देता है और उनके सामने आ जाता है | सियार उन सब को कहता है “क्या तुम वही चारो दोस्त हो जिनके किस्से जंगल के चारो तरफ मशहूर है मैने तुम्हारे बारे में बाकी जानवरो से तुम्हारे दोस्ती के बारे में बहुत सुना है” | तब बिल्ली उस सियार से कहती है की “हां हा और हम भी जानते है की तुम वही सियार हो जिसने पुरे जंगल को परेशांन करके रखा है” |

सियार बिल्ली से कहता है “मैने तो किसी को परेशान नहीं किया है में तो आज ही इस जंगल में आया हु, और बिना कुछ किये शांति से घूम रहा हु” |  सुव्वर उससे पूछता है तुम हमारे जंगल में क्यों आये हो, क्या तुम्हारे जंगल के जानवरो ने तुम्हे जंगल से निकाल दिया है” | उन सब की बाते सुनकर सुव्वार कहता है “नहीं मुझे किसी ने नहीं निकला में खुद उस जंगल से आया हु क्योकि वहा मुझे कोही भी पसंद नहीं करता है क्या तुम चारो मुझसे दोस्ती करोगे” |

तब लोमड़ी कहती है “जंगल में आने के बाद तुमने जो किया है मुझे नहीं लगता की कोही तुमसे दोस्ती करेगा | ऐसा कहकर वह चारो वहा से निकल जाते है |

उस दिन से सियार उन चारो का हर दिन और हर जगह उनका पीछा करने लगता है | इस तरह से कही दिन बित जाने के बाद अब सियार को उनके दोस्ती से जलन होने लगती है | वो सोचता है की ये चारो कितने अच्छे दोस्त है और हमेशा ख़ुशी-ख़ुशी साथ रहते है, मुझे भी ऐसे दोस्त चाहिए अगर ये चारो मुझसे दोस्ती नहीं करंगे तो में भी इनकी दोस्ती को रहने नहीं दूंगा, यह सब सोचकर वह उनकी दोस्ती तोड़ने के लिए कोही योजना बनाता है |

सुव्वर को अकेला देखकर वह सुव्वर के पास आता है और कहता है

सियार: सुव्वर भाई क्या तुम्हे पता है की तुम्हारे तीनो दोस्त तुम्हारे पीठ पीछे आलसी और गंदा बुलाते है |

यह सब सुनकर सुव्वर हँसने लगता है और कहता है

सुव्वर: यह सब तो वो लोग मेरे सामने भी बोलते है, और मुझे बुरा नहीं लगता है |

ऐसा कहकर सुव्वर वहा से चला जाता है | लेकिन सियार हार नहीं मनता है | वह एक एक करके बाकि तीनो की पास भी जाता है और एक दूसरे के बारे में गलत बाते एक दूसरे को बताता है, और उन्हें एक दूसरे के खिलाप भड़काने की कोशिश करता है, लेकिन उन चारो की दोस्ती इतनी अच्छी होती है की उनपर सियार के बातो का कोही असर नहीं होता है |

आखिर सियार हार मान लेता है और एक पेड़ के निचे बैठ जाता है | सियार सोचता है यह चारो तो बहुत अच्छे दोस्त है और इनकी दोस्ती तो बहुत गहरी है मुझे लगता है की में अब इनकी दोस्ती कभी नहीं तोड़ पाउँगा | सियार यह सब सोच ही रहा होता है तभी देखता है वो चारो दोस्त उसके तरफ आ रहे है |

यह देखकर वह जल्दी पेड़ के पीछे छुप जाता है | तब सुव्वर कहता है “दोस्तों में तुमसे एक बात कहना भूल ही गया वो सियार मेरे पास आया था और कह रहा था की तुम सभी मेरे पीठ पीछे मुझे भुक्कड़ और आलसी कहते हो” | सुव्वर की बाते सुनकर हिरन कहता है “वो तो मेरे पास भी आया था और कह रहा था तुम तीनो पसंद नहीं करते” | हिरन की बाते सुनकर वो भी कहते है की तुम हमारे बारे अच्छा नहीं सोचते हो |

इस बात को लेकर उन लोगो में विवाद होने लगता है कोही किसी की बात नहीं सुनता है | देखते ही देखते उनकी बहस और बढ़ जाती है | उन दोस्तों की झगड़ता देखकर सियार बहुत खुश होता है और कहता है “इन सभी ने तो मेरा काम आसान कर दिया अब ये चारो एक दूसरे से नफ़रत करेंगे” | वो चारो दोस्त अलग अलग दिशा में चले जाते है |

कुछ दिन बित जाने के बाद भी वो चारो आपस में बात नहीं करते है | सियार इसका फायदा उठाकर रोज एक के पास जाकर एक दूसरे के खिलाफ भड़कता है | एक दिन बहुत तेज बारिश होती है | बारिश बहुत दिनों तक लगातार चलती है | जिस वजह से जंगल  बाढ़ आ जाती है | सभी जानवर जान बचाने के लिए ऊंची पहाड़ी बार जाने लगते है |

पहाड़ी पर वो चारो दोस्त लम्बे समय के बाद एक दूसरे को देखते है | सारे लोग बाते करने लगते है, और कहते है क्या हम पुराणी बातो को भूलकर फिर से पहले जैसे दोस्त नहीं बन सकते है | और आज से हम चारो एक दूसरे की इज्जत करेंगे | तब सुव्वर कहता है वही तो नहीं आता तुम लोगो को सियार ठीक कहता है | तब बाकि दोस्त पूछते है और क्या बताया है उस सियार ने तुम्हे | सुव्वार सियार की हर एक बात बाकि दोस्तों को बताता है |

सब कुछ सुनने के बाद सभी दोस्त समझ जाते है की उन चारो को अलग करना सियार की साजिश थी | वो चारो एक दूसरे से माफ़ी मांगते है और फिर सियार के पास जाते है | सियार के पास जाने के बाद वह सियार को बहुत सुनाते है | उन सब की बाते सुनकर सियार को अपने गलती का एहसास हो जाता है | सियार सब जानवरो से माफ़ी मांगता है | सब दोस्त उसे माफ़ कर देते है और उसे अपना दोस्त बना लेते है |

 तो इस कहने से हमें यह सिख मिलती है की हमें कभी भी किसी की दोस्ती तोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और खुद भी उनसे दोस्ती कर लेनी चाहिए |

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