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सजा देने वाले से माफ़ करने वाला बड़ा होता है | Hindi Kahaniya Web

एक जंगल में बहुत सारे जानवर मिल जुलकर रहते थे | उस जंगल का राजा शेरसिंग सब का खूब ध्यान रखता था | सभी जानवर शेरसिंग से बहुत खुश थे और ख़ुशी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे | फिर एक दिन जंगल के नदी में एक मगरमछ आया | उसे देखकर शेरसिंग ने कहा

शेरसिंग : हमारे जंगल में तुम्हारा स्वागत है | इस जंगल में सभी जानवर एक दूसरे से बहुत प्यार करते है अगर तुम्हे यहा रहना है तो तुम्हे भी सबके साथ प्यार से रहना होगा |

मगरमछ : आप ने ठीक कहा मुझे भी शांति और एकता से रहना बहुत पसंद है | आप चिंता ना करे में यहाँ किसी को कोही हानि नहीं पोहचाऊंगा |

शेरसींग मगरमछ की बाते सुनकर खुश जाता है और सभी जानवरो को नदी के पास आने के लिए कहता है | कुछ देर बाद सभी जानवर नदी के पास आते है | तब भालू कहता है |

भालू : क्या हुवा महाराज आप ने हम सब को यहाँ क्यों बुलाया है सब ठीक तो है ना |

शेरसिंग : मैंने तुम सबको जंगल के नए सदस्य के बारे में बताने के लिए यहाँ बुलाया है | शेर मगरमछ की तरफ इशारा करते हुए बोलता है यह है जंगल का नया सदस्य |

मगरमछ : मुझे भी आप सभी जानवरो से मिलकर बहुत अच्छा लगा |

सभी जानवर नदी के पास बैठ जाते है और बाते करने लगते है | जानवरो के जाने के बाद मगरमछ हसते हुए बोलता है |

मगरमछ : यह सब जानवर कितने बेवकूफ है | इन्हे पागल बनाना तो बहुत आसान होगा |

मगरमछ मन ही मन खुश होता है | कुछ दिनों के बाद एक रात अचानक खरगोश जंगल से कही गायब हो जाता है | सभी जानवर खरगोश को ढूंढने लगते है लेकिन खरगोश उन्हें जंगल में नहीं मिलता है | तब गधा कहता है |

गधा : अचानक से खरगोश कहा गायब हो गया |

शेरसिंग : मुझे लगता है की खरगोश दूसरे जंगल में अपने दोस्तों से मिलने गया है |

शेरसिंग की बाते सुनकर सारे जानवर खरगोश की गायब हुयी बात को भूल जाते है | कुछ दिन बाद जंगल का कोही ना कोही जानवर गायब हो जाता है | जानवरो का गायब होने के बात को लेकर शेर बहुत परेशान हो जाता है और कहता है |

शेरसिंग : अचानक से जंगल के जानवर कहा गायब हो रहे है ?

घोड़ा : सुनिए महाराज कल रात गधा भी गायब हो गया है |

शेरसिंग : यह सब क्या हो रहा है इस जंगल में मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है |

शेरसिंग फिर अपने गुफा में चला जाता है | तब घोडा कहता है

घोड़ा : दोस्तों मुझे तो यह लग रहा है की कोही तो जादू से सारे जानवरो को गायब कर रहा है |

भालू : मुझे तो यह डर लग रहा है की कही आज रात हम तीनो में से कोही गायब ना हो जाय |

बंदर : आज रात तो में नदी के पास मगरमछ के साथ रहने वाला हु और उसके साथ बहुत सारी बाते करूँगा क्या तुम दोनों भी मेरे साथ चलोगे |

घोड़ा : हम सब यहा चिंता में है और तुम्हे मस्ती सुच रही है |

बंदर : इस तरह चिंता करने से जो हो रहा है वह रुक तो नहीं जायेगा | तुम दोनों ऐसे ही चिंता करो में तो जा रहा हु |

रात होने के बाद बंदर जैसे ही नदी के पास वाले पेड़ पर पहुँचता है तब अपने सामने का नजारा देखकर एकदम हैरान रहा जाता है | वह देखता है की मगरमछ नदी से बाहर आकर एक हिरन का रूप धारण कर लेता है और जंगल में चला जाता है |

तब बंदर मगरमछ का सच जानने के लिए उसके पीछे जाता है | बंदर पुरे जंगल में हिरण का पीछा करता है | वो देखता है की हिरन शेरसिंग के गुफा के बाहर रुक गया है | बंदर हिरन के पास जाने ही वाला होता है तब शेर अपने गुफा से बाहर निकलता है | बंदर चुप के से पास वाले पेड़ पर चढ़ जाता है | हिरन को देखकर शेर कहता है

शेरसिंग : तुम कौन हो और यहा क्या कर रहे हो |

हिरन : महाराज आप मुझे मारकर खा लीजिए 

शेरसिंग : यह तुम क्या कह रहे हो तुम्हे मारकर में क्यों खाऊंगा |

हिरन : में अपने जीवन से बहुत दु:खी हु इसलिए आप मुझे खा लीजिये |

शेरसिंग : में ऐसा नहीं कर सकता |

हिरन : मुझे मेरे जीवन से आजादी चाहिए आप इस काम को मेरी मदत समझकर कर दीजिए |

शेरसिंग : अगर तुम इतना कह रही हो तो मुझे भी ज्यादा सोचना नहीं चाहिए वैसे भी तुम अपने जीवन से दुखी हो इसे मारकर में इसकी मदत ही करूँगा सोचने के बाद कहता है ठीक है में तुम्हारी मदत करने के लिए तैयार हु |

हिरन : धन्यवाद, चलिए नदी के पास चलते है |

शेरसिंग : नदी के पास क्यों ?

हिरन : वह इसलिए  क्योकि मेरा मांस बहुत मोटा है और मांस पचाने के लिए आप को पानी की जरुरत पड़ेगी |

शेरसींग हिरन की बात मानकर  नदी के तरफ निकल पड़ता है | बंदर भी उनके पीछा करता है |  नदी के पास पहुंचने के बाद हिरन शेर से कहता है |

हिरन : हम जंगल के अंदर से यहाँ चलकर आये है आप थक गए होंगे क्यों ना आप थोड़ा पानी पि लीजिए |

शेरसिंग जैसे ही पानी पिने के लिए नदी के तरफ जाता है | तब हिरन रूप बदलकर मगरमछ बन जाता है वह शेरसिंग के ऊपर हमला करने ही वाला होता है तब बंदर पेड़ के शाखा से उसका मुँह बांध देता है | मगरमछ फिर से हिरन का रूप धारण कर लेती है | फिर शेरसिंग बंदर से पूछता है |

शेरसिंग: यह सब क्या है?

बंदर : यह एक मायावी मगरमछ है जो किसी का भी रूप धारण करता है और उसका शिकार करता है आप के साथ भी यही होने वाला था | मुझे लगता है जंगल में बाकी जानवरो के गायब होने का कारण यही है |

शेरसिंग : हम सब ने तुमको जंगल में रहने का मौका दिया और तुमने हमारा भरोसा तोडा |

बंदर : इसने सारे जानवरो को मार दिया है | इसे जिंदा रहने का कोही हक नहीं है |

शेरसिंग : हम इसे नहीं मार सकते सजा देने से बड़ा माफ़ करना होता है | मगरमछ अब यह हमारे जंगल में नहीं रह सकता |

तब अचानक तेज रोशनी चमक उठी और हिरन फिर से मगरमछ बन गया और शेरसिंग से कहा |

मगरमछ : आप का बहुत धन्यवाद आप ने मुझे शाप से मुक्त करा दिया |

शेरसिंग : कैसा शाप ?

मगरमछ : कुछ साल पहले मेरे वजह से एक साधू घायल हो गए थे तब उन्होंने मुझे शाप दिया था की जब कोही जानवर मेरे गलती होने पर मुझे माफ़ करेगा तब तुम्हे शाप से मुक्ति मिल जाएगी |

शेर मगरमछ को माफ़ कर देता है लेकिन उसे जंगल में रहने की अनुमति नहीं देता है | मगरमछ जंगल छोड़ के चला जाता है |

शिक्षा : सजा देने वाले से माफ़ करने वाला बड़ा होता है |

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