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Pariyon ki Kahani | जादुई परी की कहानी | Kids Kahaniya in Hindi

एक बार की बात है | रामपुर नाम के गांव में पूनम नाम की औरत अपने पति सुरेश के साथ रहती थी | पूनम माँ बनने वाली थी, जिस वजह से उसका पति उसकी बड़ी ही देखभाल किया करता था | कुछ ही दिनों में पूनम ने एक सुंदर बेटी को जन्म दिया, जिसे देखकर सभी मोहित हो जाते | पूनम की बेटी सबका आकर्षण का कारन इसलिए थी क्यों की उसके बच्ची के बाल बाकि के जन्मे बच्चो से अलग थे | जिसकी वजह से आस पास के पडोसी लोग उसकी बेटी को बहुत प्यार करते थे |

एक दिन पूनम ने अपने पति सुरेश से कहा “अब हमें अपने बच्ची का नाम रखना चाहिए, मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा है की इसका नाम क्या रखे”, तब सुरेश ने कहा जबसे ये हमारी जिंदगी में आयी है, इसने सबको मोहित किया हुवा है,’ तो क्यों न इसका नाम मोहिनी रख दिया जाय” | तब उसका नाम मोहिनी रख दिया गया |

अब मोहिनी समय के साथ बड़ी होने लगी थी | पर उसके उम्र से ज्यादा उसके बाल बढ़ रहे थे | मोहिनी के बालो की लंबाई आम बच्चो के मुकाबले काफी ज्यादा थी, और समय के साथ वो सुंदर होती जा रही थी | अब मोहिनी पुरे १२ साल की हो चुकी थी | और उसके बाल भी काफी लंबे हो चुके थे |

एक दिन उसके माता पिता इसी बारे में बाते करने लगे तभी पूनम ने अपने पति से कहा “सुनिए मोहिनी अब बड़ी हो रहे है, साथ ही उसका स्कूल का खर्चा किताबे, पढाई ये सब भी बढ़ता जा रहा है, हमारे पास अभी इतने पैसे नहीं है, की हम ये सब खर्चे उठा सके ‘क्या में भी काम करना शुरू कर दू’, इससे हम दोनों घर के होनेवाले सारे खर्चे एकसाथ उठा सकेगे” | तब सुरेश ने कहा “पर पूनम” तब पूनम ने कहा “पर वर कुछ नहीं में आज से ही सिलाई का काम शुरू करने जा रही हु” | घर चलाने और पति की मदत करने के लिए पूनम ने घर में ही सिलाई का काम करना शुरू कर दिया |

अब थोड़ा थोड़ा करके दोनों पति पत्नी घर को संभाल पा रहे थे | पर अभी भी घर की हालत ठीक नहीं थी, हमेशा की तरह पूनम सब्जी लेने के लिए बाजार जाने लगी तभी मोहिनी ने कहा “माँ… माँ  मुझे भी आपके साथ बाजार जाना है”, तब पूनम ने कहा “अरे.. बेटा तुम थक जाओगी”, यही रहो घरपर, मै बस थोड़ी देर में आ जाउंगी”, तब मोहनी ने कहा “नहीं माँ मै नहीं थकूँगी” तब पूनम ने कहा “चलो ठीक है चलो अब” | पूनम मोहिनी को भी अपने साथ बाजार ले गयी |

पूनम ने घर के सारे जरुरी सामान ले लिए तब मोहिनी की नज़र एक सुंदर हंस पर पड़ी | उसे देखने के बाद उसे लेने के लिए अपने माँ से जिद करने लगी और उसने अपने माँ से कहा “माँ मुझे ये हंस लेना है, देखो ना कितना सुंदर है” |

तब पूनम ने कहा “हमें उसकी कोही जरुरत नहीं है| बेटी के हट की वजह से पूनम ने उस हंस को खरीद लिया|वही दूसरी तरफ मोहिनी के बाल खुप लंबे होते जा रहे थे | जिसे देखकर पूनम सुरेश से कहने लगी “सुनिए मोहिनी के बाल काफी लंबे हो गए है अब तो बाल जमींन को छूने लग गए है, क्यों न इसके थोड़े से बाल काट दू, ताकि जमींन से छूकर इसके बाल ख़राब ना हो” | सुरेश ने कहा “ठीक है काट दो” |

“अभी तो ये छोटी है, लेकिन इसके बाल बढ़ते भी जल्दी है, कुछ दिन में फिर वैसे ही हो जायेंगे” | सुरेश के कहने के बाद पूनम ने मोहिनी के बाल काट दिए | जैसे ही पूनम ने मोहिनी के बाल काटे उसके कटे हुए बाल सोने में बदल गए | |

ये देखकर पूनम और सुरेश दोनों ही हैरान हुए | उसने सुरेश से कहा “यह कैसे हो सकता है”, सुरेश ने भी कहा “मुझे भी नहीं पता ये क्या हो रहा है ” | पूनम ने जब फिर से मोहिनी के बाल काटे तो काटे हुए बाल फिर से से सोने में तपदिल हो गए | यह देखकर पूनम और सुरेश को इस बात पर यकीन हो गया, की मोहिनी कोही मामूली बच्ची नहीं है | तभी दोनों ने मोहिनी के बाल एक साथ बांध दिए, ताकि किसी को इसके बारे में पता न चले |

साथ ही इतना सारा पैसा मिलने के बाद दोनों के घर की स्थिति बदल गयी | अब उन्हें जब भी पैसे की जरुरत पड़ती तब वो मोहिनी के बाल काटकर उससे थोड़ा ले लेते | कुछ ही दिनों में दोनों के हालात काफी बदल गए | यह देखकर उनके पडोसी उनसे खुप जलने लगे | जिसके बाद उन्होंने पूनम के घर के बाहर आकर उनके घर में झाकना शुरू कर दिया |

एक दिन उनके पडोसियोने उन्हें मोहिनी के बाल काटते हुए देख लिया | तब उन्हें पता चल गया मोहिनी कोही मामूली लड़की नहीं है और उसमे से एक ने कहा “इसके ये बाल जादुई है तभी ये सोने में बदल रहे है | तब दूसरे आदमी ने कहा “हमें भी आमिर होना है क्यों न हम मोहिनी को अगवा कर ले, ऐसा करके हम पूरी जिंदगी आमिर हो जायेंगे” |

ऐसा सोचते ही दोनों अगली रात मोहिनी को अगवा करने के लिए, उसके घर अंदर पहुंच गए, वो मोहिनी के पास गये और उन्होंने मोहिनी का मुँह बंद कर दिया कर दिया | मोहिनी को जैसे ही एहसास हुवा तो उसने उस आदमी को जोर से काट लिया और बहुत जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया |

मोहिनी की आवाज सुनकर पूनम और सुरेश उसके पास आ गए | उन्होंने देखा दो आदमी जिन्होने मुखौटा पहना हुवा था वो मोहिनी को अगवा कर रहे थे | तभी दोनों मोहिनी को बचाने उनके पीछे निकल पड़े | उन लोगो ने पूनम और सुरेश को हतियार से डराना शुरू कर दिया | उसमे से एक ने कहा “पीछे हो जाओ वरना में तुम्हारी बेटी को मर दूंगा | ये सुनकर दोनों डर गए | तब उनके घर में रह रहा हंस उन दोनों आदमीयोंके पास जाकर चोंच मारने लगा | तब भी उन लोगो ने मोहिनी को नहीं छोड़ा तभी वो एक मामूलिसा हंस एक परी के रूप में बदल गया |

उसे देख कर सभी हैरान रह गए | तब उस परी ने कहा “बच्ची को छोड़ दो  वरना मै तुम दोनों का बुरा हाल कर दूंगी” | अपने सामने परी को देखकर दोनों काफी दर गए और उन्होंने मोहिनी को छोड़ दिया | तब उस परी ने अपने जादुई छड़ी से उन दोनो की यादाश गायब कर दी और उन्हें वहा से जाने के लिए बोला जिसके बाद दोनों ही ही वहा से चले गए |

उनके जाने के बाद पूनम और सुरेश ने उनके साथ हो रहे हादसे के बारे में पूछा “आप एक परी मतलब हंस के रूप में आप ही हमारे घर में, पर क्यों तब उसने कहा “मै यहाँ मोहिनी के रक्षा के लिए आयी हु, मोहिनी कोही मामूली लड़की नहीं है, वो एक परी है जब वह परी थी तो इनकी ये जिद थी की उन्हें एक इंसानी जिंदगी जीनी है इसलिए उन्होंने तुम दोनों का घर चुना, उन्होंने देखा की तुम बहुत ही नेक दिल इंसान हो तो उन्होंने अपने आप का यहाँ जन्म लेना सही समझा |

तब सुरेश ने कहा “पर लंबे बाल का रहस्य क्या है ” तब वह परी ने कहा उनके ऐसे की लम्बे बाल थे और जादुई थे पर वे इनका कुछ नहीं कर पायी और इन्ही बालो के साथ पैदा हुई | इनके सारे जादू गायब है पर इन बालो का जादू ख़त्म नहीं हुवा और ये इन्ही के साथ पैदा हो गयी’ | अब में इनके साथ ही रहुंगी जबतक ये पूरी जिंदगी नहीं जी लेती” |

यह सब सुनकर पूनम और सुरेश बहुत ही खुश हो गए | साथ ही उस दिन से मोहिनी यानि परी के राज को राज ही रखा गया और सभी एक साथ रहने लगे |

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