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त्यागी पेड़ की कहानी | Tyagi Ped Ki Kahani | Hindi Kahaniya Web

माधवपुर गांव के करीब एक विशाल घना जंगल था | जिसमे खूब सारे खूबसूरत पेड़ थे | उस जंगल में आम का पेड़ बहुत बड़ा था | एक दिन एक लडका जंगल के तरफ आ पहुँचा | उसने देखा की जंगल तो बहुत ही खूबसूरत है | वह चारो तरफ देखने लगा और खुद से कहने लगा “मैंने इतना बड़ा और खूबसूरत जंगल कभी देखा ही नहीं, यहाँ का नजारा कितना खूबसूरत है और यह आम का पेड़ तो बड़ा ही खूबसूरत है”

अचानक उसे एक आवाज सुनाई देती है ‘आओ नन्हे दोस्त तुम भी बड़े प्यारे हो मेरे प्यारे दोस्त घबरावो मत में तुम्हे कुछ नहीं करूँगा’ लड़का चौक जाता है और देखता है की आवाज कहा से आ रही है| और कहता है “अरे वा तुम तो जादुई पेड़ हो और तुम मुझसे बात कर रहे हो” आम का पेड़ कहता है “हां दोस्त में तुमसे ही बात कर रहा हु”

आम का पेड़ और लडके को दोस्ती हो जाती है | लडका रोज खेलने के लिए जंगल में आता है | उसे जंगल में देखकर आम का पेड़ बहुत ही खुश होता है | उसे देखकर आम का पेड़ कहता है “आओ दोस्त में तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था, मेरे साथ खेलो और मेरे पेड़ के मीठे आम खावो”

लड़का ख़ुशी ख़ुशी आम के पेड़ के साथ खेलता है | उसके मीठे-मीठे आम खाकर पेड़ के साये में आराम करता है | धीरे-धीरे वक्त गुजर जाता है और लड़का पेड़ से कहता है मेरे स्कूल में एक फॅन्सी ड्रेस स्पर्धा है और जिसके लिए मुझे कपडे की जरुरत है और मेरे पास कपडे लेने के लिए पैसे नहीं है | आम का पेड़ कहता है “उदास मत हो मेरे दोस्त तुम मेरे पेड़ के पत्ते लेकर जावो और उसको इस्तेमाल करके कोही ड्रेस बनालो”

वक्त बीतता गया और लड़का थोड़ा सा बड़ा हो गया | लडका अब पेड़ से मिलाने रोज नही आता था | पेड़ उसका हर रोज इंतजार करता था | एक दिन पेड़ ने देखा की जंगल के तरफ कोही आ रहा है | उसने गौर से देखा और खुश हो गया क्योकि वो वही लड़का था | जैसे-जैसे वह करीब आ रहा था पेड़ उसको देखकर झूमने लगा | वह पेड़ के करीब आया और उसे गले लगाकर रोने लगा |

पेड़ ने लडके से पूछा “क्या हुवा दोस्त तुम क्यों रो रहे हो” | उसकी बात सुनकर लडके ने कहा “मेरे सारे दोस्तों के पास मोबाइल फ़ोन है और मेरे पास नहीं और मेरे पास पैसे भी नहीं है” उसकी बाते सुनकर पेड़ कहता है “मत रोयो मेरे प्यारे दोस्त तुम्हारा ऐसा रोनो मुझे अच्छा नहीं लगता है, तुम एक काम करो मेरे पेड़ से आम तोड़ लो और उसको बाजार में बेचकर उससे तुम्हे पैसे मिल जायेंगे| जिससे तुम अपने लिए मोबाइल फ़ोन ले सकते हो”

पेड़ की बाते सुनकर लडका पेड़ पर जाता है और आम तोड़कर उन्हें बाजार में बेच देता है | और उन पैसो से अपने लिए मोबाइल खरीद लेता है | लड़का पेड़ से बहुत कम मिलने जाता था | जिससे पेड़ मायूस रहता था | लड़का बड़ा हो गया था और उसके पास पेड़ से खेलने के लिए वक्त नहीं रहता था | कुछ समय बाद लड़का पेड़ के पास आता है अब वह जवान बड़ा आदमी बन जाता है |

वह पेड़ के पास आता है और कहता है “मेरे प्यारे दोस्त आजतक तुमने मेरी बहुत मदत की है, देखो में अब वापस से परेशानी में हु मेरे पास अपने पत्नी और बच्चो को खाना खिलने के भी पैसे नहीं है” | पेड़ कहता है “उदास मत हो मेरे दोस्त तुम मेरी शाखाएँ काट लो, और उनसे जो पैसे मिले उनसे अपने पत्नी और बच्चो के लिए खाना लेकर आवो”

लड़का पेड़ की शाखाएँ काटकर ले जाता है और पेड़ उसका फिर से इंतजार करने लग जाता है | वह आदमी फिर से मिलाने के लिए पेड़ के पास आता है और कहता है “तुम कैसे हो मेरे प्यारे दोस्त” पेड़ कहता है “में ठीक हु मेरे दोस्त तुम कैसे हो” | वह आदमी कहता है “में ठीक नहीं हु, सोचता हु की खुद का कारोबार शुरू कर लू लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है”

पेड़ कहता है “अब मेरे पास तुम्हे देने के लिए कुछ नहीं है सिर्फ यह एक तना है इसे काटकर बेच दो और उससे तुम कारोबार शुरू कर लो” | आदमी ने बिना सोचे पेड़ का तना भी काट लेता है और उसे बेचकर कारोबार शुरू कर लेता है | समय बीतता गया अब वह आदमी बूढ़ा हो गया था | वह पेड़ से मिलने आता है और कहता है “मेरे दोस्त तुमने तुम्हारा सब कुछ मुझे दे दिया और मुझसे कुछ नहीं माँगा, में कितना खुदगर्ज हु, मैंने कभी तुम्हारे लिए कुछ नहीं किया”

बूढ़ा आदमी बहुत रोता है | उसे देखकर पेड़ कहता है “रो मत मेरे दोस्त, मेरे पास तुम्हारे लिए इन जड़ो के आलावा कुछ नहीं है, आवो बैठो यहाँ और आराम कर लो” | बूढ़ा पेड़ के जड़ो पर सर रखकर सो जाता है |

इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है इंसान की ख्वाइश कभी ख़तम नहीं होती |

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